Monday, 11 April, 2011

आठवां दिन: माँ बंगलामुखी


आठवे दिन की महा देवी माँ बंगलामुखी स्वरुप हैं। इनकी साधना साधक को भंडार कोन की ओर मुख करके करनी चाहिए। भंडार कोण पश्चिम और उत्तर दिशा के बीच का कोण होता है।इनका महा मंत्र - क्रीं ह्रीं बंगलामुखी ह्रीं क्रीं स्वाहा: है। इस मंत्र का कम से कम ११०० बार जाप करना चाहिए तथा विशेष सिद्धि के लिए विशेष जाप की आवशकता होती है।सामान्य भक्तजन न्यूनतम सुबह शाम इस महा मंत्र का जाप १०८-१०८ बार करें। माँ बंगलामुखी का जाप ऐसे व्यक्ति को करना चाहिए जिनके ऊपर किसी तांत्रिक क्रिया को कराया जा रहा हो और जिस से वो परेशान हो। इस मंत्र का जाप करने से वैसे दुष्ट व्यक्तियों का नाश होता है। इनका जाप करते समय साधक को पीला वस्त्र धारण करना चाहिए और पीले माला से जाप करना चाहिए। उस माला को जाप ख़त्म होने के बाद किसी पीपल के पेड़ पर टांग देना चाहिए.

1 comment:

  1. Prama Pujya to Gurujee:
    One of the best post I have seen. Very easy rules and rituals. However, little additional information is needed. As per post, performing 1100 mantra jaap Sadhna is not clear. Is this Sadhna requires Guruji's permission, guidance or Diksha or one can do without these? if yes, then How to get diksha if you are far away? Also needed inforamation on: only sadhak need to discard items on peepal tree or everyone? If the peepal tree is not available then what are the other alternatives?

    Pujya Gurujee please elobrate little more on how to do sadhna i.e. Sadhana Vidhi.

    Thank you Guruji, my saksat pranam in your feet and if any mistake by me my crores of Shama and Mauffi in your feet.

    ReplyDelete